नाम से कुंडली मिलान
लड़के और लड़की का नाम लिखें। हर नाम का पहला अक्षर एक नक्षत्र और चंद्र राशि बताता है, और इन्हीं दो नक्षत्रों से पारंपरिक 36 गुणों का मिलान किया जाता है।
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नाम से मिलान केवल एक अनुमान है; सटीक मिलान के लिए जन्म विवरण (तिथि, समय, स्थान) का उपयोग करें। जन्म विवरण से मिलान करें →
मिलान लड़के से लड़की की ओर पढ़ा जाता है, इसलिए नाम सही खाने में लिखें।
स्कोर देखने के लिए दोनों नाम लिखें।
नाम से मिलान कैसे होता है
हिंदू नामकरण परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाता था (27 नक्षत्र × 4 चरण = 108 अक्षर)। उसी अक्षर से नक्षत्र और चंद्र राशि वापस निकलती है, और फिर आठों कूट — वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी — ठीक जन्म-विवरण वाले मिलान की तरह गिने जाते हैं। अगर नाम इस तरह नहीं रखा गया (आज के ज़्यादातर नाम), तो परिणाम असली कुंडलियों के बारे में कुछ नहीं बताता।
सामान्य प्रश्न
नाम से कुंडली मिलान कैसे होता है?
हर नाम का पहला अक्षर पारंपरिक 108 अक्षरों की तालिका (27 नक्षत्र × 4 चरण) में देखा जाता है। इससे दोनों का नक्षत्र और चंद्र राशि मिलती है, और फिर इन्हीं से 36 गुणों का अष्टकूट मिलान होता है।
क्या नाम से कुंडली मिलान सही होता है?
यह केवल अनुमान है। नाम से सिर्फ़ इतना पता चलता है कि कौन-सा अक्षर चुना गया, यह नहीं कि जन्म के समय चंद्रमा कहाँ था। आज के ज़्यादातर नाम जन्म नक्षत्र से नहीं रखे जाते, इसलिए विवाह के निर्णय के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान से मिलान करें।
अगर नाम का पहला अक्षर दो नक्षत्रों में आता हो तो?
अंग्रेज़ी में "Ta", "Da" या "Na" जैसे अक्षर दो अलग हिंदी अक्षर (त/ट, द/ड, न/ण) हो सकते हैं, जो अलग नक्षत्रों के हैं। पेज सभी विकल्प दिखाता है और आप चुन सकते हैं; नाम हिंदी (देवनागरी) में लिखने से यह भ्रम ज़्यादातर दूर हो जाता है।
क्या नाम से मांगलिक दोष देखा जा सकता है?
नहीं। मांगलिक दोष जन्म के समय मंगल के भाव पर निर्भर है, जो नाम से पता नहीं चलता। इसके लिए जन्म विवरण से मिलान करें।
विवाह के लिए कितने गुण मिलने चाहिए?
परंपरा में 36 में से 18 गुण न्यूनतम माने जाते हैं; 24 या अधिक अच्छे और 28 या अधिक उत्तम। साथ में नाड़ी और भकूट दोष व उनके परिहार भी देखे जाते हैं।
